ॐ आनन्दकन्दाय नमः
आनन्दकन्दः
Ānandakandaḥ
Root: ānanda + kanda
अर्थ
The bulb of bliss, the underground root of all happiness from which the entire flowering of joy in creation draws its sustenance
आनन्द का कन्द, सभी सुख की भूमिगत जड़ जिससे सृजन में आनन्द का सम्पूर्ण खिलना अपना पोषण लेता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
आनन्द
bliss
आनन्द
कन्द
bulb, root, tuber
कन्द, जड़
आधुनिक संदर्भ
आनन्दकन्द दत्तात्रेय को आनन्द के कन्द या जड़ (कन्द) नाम देता है। कन्द रूपक सटीक है: एक कन्द भूमिगत भण्डार है जिससे सम्पूर्ण दृश्यमान पौधा उभरता है। इसी तरह, किसी भी प्राणी में आनन्द का हर अनुभव उस आनन्दकन्द से आकर्षित होता है जो दत्तात्रेय हैं। भारत की वनस्पति परम्परा में कुछ सबसे मूल्यवान औषधीय पौधे भूमिगत कन्दों से उगते हैं।
कब जपें
ॐChant when recognising that all experiences of joy, however small, are drawing from the same deep root that is Dattatreya's bliss-nature.
और मोक्ष नाम
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