Skip to main content
29

ॐ वैराग्यमूर्तये नमः

वैराग्यमूर्तिः

Vairāgyamūrtiḥ

Root: vairāgya + mūrti

Liberation·मोक्ष
Meaning

अर्थ

The embodiment of perfect dispassion, the living form of supreme detachment from all things worldly

सम्पूर्ण वैराग्य के मूर्त रूप, सांसारिक सभी वस्तुओं से परम विरक्ति के जीवन्त स्वरूप

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

वैराग्य

dispassion, detachment

वैराग्य, विरक्ति

मूर्ति

embodiment, form

मूर्ति, साकार रूप

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

वैराग्यमूर्ति दत्तात्रेय को वैराग्य के साक्षात् स्वरूप के रूप में वर्णित करता है: वह नहीं जो अनुशासन के रूप में अनासक्ति का अभ्यास करता है, बल्कि वह जो स्वयं विरक्ति है। उनका कोई घर नहीं, कोई सम्पत्ति नहीं, कोई निश्चित दिनचर्या नहीं, कोई पसन्दीदा भोजन नहीं, सर्दी-गर्मी की कोई परवाह नहीं। वेदान्त की शिक्षा में वैराग्य को चार साधनों (साधन चतुष्टय) में से दूसरा बताया गया है। जब आज के शहरी भारतीय अपने उपकरणों और उपभोक्तावाद से 'मुक्त' होना चाहते हैं, वैराग्यमूर्ति एक दिव्य आदर्श प्रस्तुत करता है।

When to Chant

कब जपें

Chant when cultivating detachment, during Vedantic study on vairagya, or when worldly entanglements feel overwhelming and liberation is sought.

← → arrow keys to navigate