ॐ सर्वलोकेश्वराय नमः
सर्वलोकेश्वरः
Sarvalokośvaraḥ
Root: sarva + loka + īśvara
अर्थ
The lord of all worlds, whose divine sovereignty encompasses every realm from the lowest to the highest without leaving any world outside his governance
सभी लोकों के ईश्वर, जिनकी दिव्य प्रभुसत्ता सबसे निम्न से उच्चतम तक हर क्षेत्र को बिना किसी लोक को उनके शासन के बाहर छोड़े समेटती है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
लोक
world, realm
लोक
ईश्वर
lord
ईश्वर
आधुनिक संदर्भ
सर्वलोकेश्वर दत्तात्रेय को सभी लोकों के प्रभु नाम देता है। भारत की 14-लोक ब्रह्माण्ड-विज्ञान में हर एकल क्षेत्र इस नाम द्वारा घोषित दिव्य प्रभुसत्ता के अधीन है। दत्त परम्परा में सेवा की समझ में यह विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है: किसी भी लोक में किसी भी प्राणी को दी गई सेवा सर्वलोकेश्वर की सेवा है।
कब जपें
ॐChant when seeking the divine authority that governs all realms simultaneously, or when recognising that Dattatreya's sovereignty has no jurisdictional limits.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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