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ॐ अनुग्रहप्रदाय नमः

अनुग्रहप्रदः

Anugrahapradaḥ

Root: anugraha + prada

Compassion·करुणा
Meaning

अर्थ

The bestower of grace, whose divine compassion flows spontaneously toward all who turn to him in sincerity

अनुग्रह के दाता, जिनकी दिव्य करुणा सच्चे हृदय से उनकी ओर मुड़ने वाले सभी पर स्वतः प्रवाहित होती है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

अनुग्रह

grace, divine favour

अनुग्रह, दिव्य कृपा

प्रद

bestower, giver

दाता

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

अनुग्रहप्रद भक्तिपरक हिन्दू धर्म में देवता के सबसे आवश्यक गुण से बोलता है: कृपा (अनुग्रह) देने की क्षमता। तमिलनाडु की शैव सिद्धान्त परम्परा पाँच दिव्य क्रियाओं का वर्णन करती है जिनमें से अनुग्रह (कृपा) पाँचवीं और सबसे आवश्यक है। दत्तात्रेय का अनुग्रह बिना शर्त का बताया गया है: वे कृपा बढ़ाने से पहले भक्त की योग्यता या आध्यात्मिक प्रगति का मूल्यांकन नहीं करते। गुरु चरित्र में नृसिंह सरस्वती बिना किसी भेद के अछूतों, पापियों और दीर्घकालीन रोगियों पर कृपा करते हैं। यह गुण, दिव्य कृपा का पूर्ण अभेद, दत्त सम्प्रदाय को दक्कन में सबसे सामाजिक रूप से समावेशी परम्पराओं में से एक बनाता है।

When to Chant

कब जपें

Chant when experiencing divine grace in daily life, during prayer for grace to descend on a struggling devotee, or to invoke the spontaneous compassion that is Dattatreya's most defining quality.

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