ॐ मृडाय नमः
मृडः
Mṛḍaḥ
Root: mṛḍ
अर्थ
The merciful, the gentle comforter whose kindness softens suffering and whose tender grace is the balm that heals the deepest wounds of the soul
दयालु, वह कोमल सांत्वनाकर्ता जिनकी करुणा दुख को नरम करती है और जिनकी कोमल कृपा वह मरहम है जो आत्मा के सबसे गहरे घावों को भरती है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
मृड
merciful, gentle, the one who soothes and comforts
मृड, दयालु, सांत्वनादायक
आधुनिक संदर्भ
मृड (दयालु, कोमल सांत्वनाकर्ता) शिव के सभी नामों में सबसे अंतरंग और व्यक्तिगत रूप से सांत्वना देने वाला है। श्री रुद्रम का जप 'मृडा नः शिवस्तनुभिः' (उन्हीं रूपों से हमारे साथ कोमल रहो) परंपरा की सबसे कोमल याचिकाओं में से एक है। मणिक्कवासगर का तिरुवाचकम शिव की खोजशील आत्मा के साथ कोमलता की निरंतर अभिव्यक्ति है। नुकसान के बाद के घंटों में शिव से प्रार्थना करने वाली शोक में डूबी माँ: यह मृड की प्रत्यक्ष उपस्थिति है।
कब जपें
ॐChant in grief, in suffering, in moments of exhaustion when the fierce Rudra aspect seems too remote and what the devotee needs is Shiva's gentlest, most tender face.
और करुणा नाम
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