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ॐ धर्मेश्वराय नमः

धर्मेश्वरः

Dharmeśvaraḥ

Root: dharma + īśvara

Cosmic Order·ब्रह्माण्डीय व्यवस्था
Meaning

अर्थ

Lord of dharma, the sovereign over the cosmic moral order, whose governance is the ultimate source and sanction of all dharmic principles in every realm

धर्म के ईश्वर, ब्रह्माण्डीय नैतिक व्यवस्था के अधीश्वर, जिनका शासन हर लोक में सभी धार्मिक सिद्धांतों का परम स्रोत और स्वीकृति है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

धर्म

the cosmic moral order, righteousness, natural law

धर्म, ब्रह्माण्डीय नैतिक व्यवस्था, धार्मिकता

ईश्वर

lord, sovereign, the supreme authority

ईश्वर, स्वामी, परम अधिकारी

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

धर्मेश्वर (धर्म के स्वामी) धर्मभृत् (#317) नाम को संप्रभु अधिकार के साथ विस्तारित करता है: जहाँ धर्मभृत् शिव को धर्मिक व्यवस्था के वाहक के रूप में वर्णित करता है, धर्मेश्वर उन्हें इसकी परम शासकीय शक्ति के रूप में। शैव विचार से उभरने वाला उत्तर: धर्म बाहरी नियमों का एक समूह नहीं है बल्कि धर्मेश्वर के रूप में शिव की प्रकृति की अभिव्यक्ति है। जब कोई व्यक्ति अपनी सबसे गहरी, सबसे प्रामाणिक प्रकृति से कार्य करता है, तो वे धर्मेश्वर के साथ संरेखण में कार्य कर रहे हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant to invoke Shiva's authority as the supreme dharmic sovereign when facing moral dilemmas, ethical ambiguity, or situations where the path of dharma is obscured.

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