ॐ शिवाभिलषिताय नमः
शिवाभिलषितः
Śivābhilaṣitaḥ
Root: śiva + abhilaṣita
अर्थ
The deeply longed-for auspicious one, whose presence is the deepest abhilaṣa (the heartfelt longing, the soul's most sincere aspiration) of every being who has touched the divine , the supreme object of sacred desire
गहराई से चाहे जाने वाले मंगलमय, जिनकी उपस्थिति हर उस प्राणी की सबसे गहरी अभिलाषा (हार्दिक लालसा, आत्मा की सबसे ईमानदार आकांक्षा) है जिसने दिव्य को स्पर्श किया है , पवित्र इच्छा का परम विषय
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शिव
auspicious, Shiva
शिव, मंगलमय
अभिलषित
deeply longed-for, the object of heartfelt aspiration
अभिलषित, गहराई से चाहा गया, हार्दिक आकांक्षा का विषय
आधुनिक संदर्भ
शिवाभिलषित (गहराई से चाहे जाने वाले मंगलमय) शिव को सबसे गहरी पवित्र लालसा के विषय के रूप में नामित करता है। संस्कृत अभिलषित (अभि + लष्, पूरे दिल से तीव्रता से चाहना से) उस प्रिय का वर्णन करता है जिनकी अनुपस्थिति वास्तविक लालसा उत्पन्न करती है। मणिक्कवासगर का तिरुवाचकम इसकी सबसे बड़ी तमिल परंपरा में अभिव्यक्ति है। विरहिणी भक्ति की भारत की परंपरा , मीराबाई की लालसा से नायनमारों की लालसा तक , पहचानती है कि लालसा स्वयं पहले से ही दिव्य उपस्थिति है।
कब जपें
ॐChant to honour Shiva as the most deeply longed-for , the abhilaṣita whose presence is what every awakening soul most profoundly aspires toward, whether it knows it or not.
और प्रेम नाम
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