ॐ वेदात्मने नमः
वेदात्मा
Vedātmā
Root: veda + ātmā
अर्थ
He who is the very soul and essence of all the Vedas
वेदों की आत्मा, सम्पूर्ण वैदिक ज्ञान के अन्तर्निहित सत्य
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
वेद
Vedas, sacred knowledge
वेद, पवित्र ज्ञान
आत्मा
soul, self, essence
आत्मा, सार
आधुनिक संदर्भ
गीता में कृष्ण कहते हैं 'वेदैश्च सर्वैरहमेव वेद्यः' — सब वेदों से मैं ही जानने योग्य हूँ। वेदात्मा भगवान वेदों के शरीर नहीं, आत्मा हैं — वेदों के भीतर जो अन्तिम सत्य छिपा है, वह भगवान ही हैं। ऋग्वेद की ऋचाएँ, यजुर्वेद के मन्त्र, सामवेद की धुनें, अथर्ववेद के सूक्त — सबकी आत्मा वेदात्मा हैं।
कब जपें
ॐChant during Vedic recitation, Upakarma, or when studying any Vedic text. Ideal on Guru Purnima, during Gayatri japa, and when honouring the Vedic tradition.
और विद्या नाम
← → arrow keys to navigate