ॐ प्रियकृते नमः
प्रियकृत्
Priyakṛt
Root: priya + kṛ
अर्थ
He who performs the dearest and most beneficial deeds for devotees
भक्तों के लिए सबसे प्रिय कार्य करने वाले, भक्तवत्सल
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
प्रिय
dear, beloved
प्रिय
कृत्
doer, performer
करने वाले
आधुनिक संदर्भ
प्रियकृत् दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 244)। पहली बार सुदामा-कृष्ण कथा के संदर्भ में था। दोहराव बताता है कि भगवान भक्तों के प्रिय काम करना कभी नहीं छोड़ते। वो सुदामा के लिए किया, द्रौपदी के लिए किया, और आज भी हर भक्त के लिए करते हैं। जब आपके बच्चे को बुखार था और अगली सुबह ठीक हो गया, वो प्रियकृत् था। जब रुकी हुई तनख़्वाह अचानक आ गई, वो भी प्रियकृत् था।
कब जपें
ॐChant when grateful for unexpected blessings, during the Sudama-Krishna narrative, when divine intervention feels tangible, or when the batch's repetition pattern deepens faith.
और करुणा नाम
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