ॐ लोहिताक्षाय नमः
लोहिताक्षः
Lohitākṣaḥ
Root: lohita + akṣa
अर्थ
The red-eyed lord whose blazing gaze incinerates all threats to His devotees
लाल नेत्रों वाले, जिनकी प्रज्वलित दृष्टि भक्तों के हर ख़तरे को भस्म करती है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
लोहित
red
लाल
अक्ष
eye
नेत्र
आधुनिक संदर्भ
लोहिताक्ष दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 542)। कृष्ण-लोहिताक्ष जोड़ी दोनों बार साथ आई है (541-542 और 818-819)। पहली बार नरसिंह के लाल-नेत्रों और 'protective anger' के संदर्भ में था। दोहराव कहता है: भगवान की सुन्दर कमल-आँखें (कृष्ण) लाल भी हो सकती हैं (लोहिताक्ष) जब भक्त ख़तरे में हो। सौम्य + उग्र = सम्पूर्ण दिव्य दृष्टि।
कब जपें
ॐChant during Narasimha worship, when protective anger is needed, or when the double Krishna-Lohitaksha pair reveals God's complete emotional range.
और रक्षा नाम
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