ॐ नन्दनाय नमः
नन्दनः
Nandanaḥ
Root: nand
अर्थ
The supreme delight of every heart, Nanda's beloved son who radiates pure joy
हर हृदय का परम आह्लाद, नन्द बाबा के प्रिय पुत्र जो शुद्ध आनन्द विकीर्ण करते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
नन्दन
delighter, son of Nanda
आनन्ददायक, नन्दनन्दन
आधुनिक संदर्भ
नन्दन दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 780)। प्रमोदन-आनन्द-नन्दन त्रयी दोनों बार एक ही क्रम में आई है (778-780 और 958-960)। तीन आनन्द-नाम, दो बार! उत्सव (प्रमोदन) → आनन्द (ब्रह्मानन्द) → नन्दन (कृष्ण-प्रेम)। यह 960वाँ नाम 96% मील का पत्थर है। आनन्द-त्रयी से 96% बन्द = अन्तिम 40 नामों में 'आनन्द-भाव' लेकर प्रवेश। गोकुल की खुशी = शाश्वत खुशी।
कब जपें
ॐChant on Janmashtami, during the double joy-triad, as the 96% milestone prayer, or when entering the final 40 names with the spirit of Gokul's eternal delight.
और प्रेम नाम
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