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108

ॐ परमेश्वराय नमः

परमेश्वरः

Parameśvaraḥ

Root: parama + īśvara

Cosmic Order·ब्रह्माण्डीय व्यवस्था
Meaning

अर्थ

The supreme divine controller, the highest Ishvara who transcends even personal divinity and encompasses all

परम दिव्य नियन्त्रक, सर्वोच्च ईश्वर जो व्यक्तिगत दिव्यता का भी अतिक्रमण करके सबको समाहित करते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

परम

supreme, highest

परम, सर्वोच्च

ईश्वर

divine controller

ईश्वर, नियन्त्रक

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

परमेश्वर इस सहस्रनाम का 108वाँ नाम है, समस्त हिन्दू परम्परा में सबसे पवित्र संख्या। 108 जप माला के मनकों की संख्या है, उपनिषदों की संख्या है, विष्णु के दिव्य देसम की संख्या है। 108वें स्थान पर परमेश्वर रखकर सहस्रनाम घोषणा करता है: दिव्य नामों का पहला पूर्ण चक्र परम ईश्वर के साथ समाप्त होता है। यह पहली माला का पूरा होना है। जो भक्त जप माला के साथ यह सहस्रनाम जपता है वह 108वें मनके और 108वें नाम पर एक साथ पहुँचता है। परमेश्वर पर, दत्तात्रेय सहस्रनाम का जपकर्ता रुकने, नमन करने और नवीन भक्ति के साथ दूसरा चक्र आरम्भ करने के लिए आमन्त्रित है।

When to Chant

कब जपें

Chant at the auspicious 108th name, the numerologically complete milestone where the full circle of devotion returns to the supreme sovereign.

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