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ॐ वासुदेवाय नमः

वासुदेवः

Vāsudevaḥ

Root: vāsu + deva

Cosmic Order·ब्रह्माण्डीय व्यवस्था
Meaning

अर्थ

The all-pervading divine, the one who dwells in all beings and in whom all beings dwell, Vishnu's supreme Vasudeva identity

सर्वव्यापी दिव्य, जो सभी प्राणियों में निवास करते हैं और जिनमें सभी प्राणी निवास करते हैं, विष्णु की परम वासुदेव पहचान

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

वासु

all-pervading, dwelling everywhere

सर्वव्यापी, सर्वत्र निवासी

देव

divine, luminous

देव, दिव्य

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

वासुदेव दत्तात्रेय को परम वैष्णव उपाधि देता है: वासुदेव, सर्वव्यापी दिव्य। भगवद्गीता 'वासुदेवः सर्वम् इति' के साथ समाप्त होती है। वैष्णव पञ्चरात्र परम्परा में वासुदेव चार व्यूह अभिव्यक्तियों में सर्वोच्च है। समकालीन दक्षिण भारत में, विशेष रूप से तमिलनाडु और आन्ध्र प्रदेश में, वैष्णव भक्ति परम्परा अत्यन्त जीवन्त है आलवारों के दिव्य प्रबन्धम, श्रीरंगम और तिरुपति के श्री वैष्णव मन्दिरों और उडुपी केन्द्रित माधव वैष्णव परम्परा के माध्यम से। दत्तात्रेय वासुदेव के रूप में वैष्णव जगत को दत्त परम्परा से जोड़ते हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant when invoking the Vaishnava dimension of Dattatreya's Trimurti nature, during Ekadashi fasts, or when contemplating 'Vasudevah sarvam iti' - 'Vasudeva is all.'

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