ॐ नारायणाय नमः
नारायणः
Nārāyaṇaḥ
Root: nāra + ayana
अर्थ
The refuge of all humans, Vishnu's cosmic form who is the universal goal and resting place of all beings seeking liberation
समस्त मनुष्यों का आश्रय, विष्णु का ब्रह्माण्डीय रूप जो मुक्ति की खोज में सभी प्राणियों का सार्वभौमिक लक्ष्य और विश्राम-स्थान है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
नार
waters, human beings, consciousness
नर, जल, मानव
अयन
refuge, goal, resting place
अयन, आश्रय, गन्तव्य
आधुनिक संदर्भ
नारायण दत्तात्रेय को विष्णु का ब्रह्माण्डीय नाम देता है: नारायण, सभी लोगों का आश्रय। 'ॐ नमो नारायणाय' कश्मीर के शंकराचार्य मन्दिर से कन्याकुमारी के विवेकानन्द रॉक तक पूरे भारत के मन्दिरों में सबसे सार्वभौमिक मन्त्रों में से एक है। यजुर्वेद का नारायण सूक्तम लाखों लोगों के दैनिक सन्ध्यावन्दन का हिस्सा है। जब दत्तात्रेय को नारायण कहा जाता है, यह सारी भक्ति शक्ति दत्त परम्परा में प्रवाहित होती है।
कब जपें
ॐChant during Vaishnava prayers, at Vishnu temples, when taking refuge in the divine as the ultimate destination of all spiritual seeking, or in times requiring divine protection.
और रक्षा नाम
← → arrow keys to navigate