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ॐ विश्वम्भराय नमः

विश्वम्भरः

Viśvambharaḥ

Root: viśva + ambhara

Cosmic Order·ब्रह्माण्डीय व्यवस्था
Meaning

अर्थ

The nourisher of the universe, who sustains every being in every world through the inexhaustible generosity of divine provision

विश्व के पोषक, जो दिव्य प्रावधान की अक्षय उदारता के माध्यम से हर लोक में हर प्राणी का पोषण करते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

विश्व

universe, all

विश्व

अम्भर

nourishing, sustaining

पोषक, धारण करने वाले

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

विश्वम्भर दत्तात्रेय को ब्रह्माण्ड के पोषक की उपाधि देता है। दत्तात्रेय घूमते और भिक्षा स्वीकार करते हुए विश्वम्भर क्रिया में हैं: किसी के भी हाथ से भोजन स्वीकार करके, वे प्रदाता से प्राप्तकर्ता तक पोषण की श्रृंखला को पवित्र करते हैं। भारत की विशाल अन्नदान परम्परा, तिरुपति, अमृतसर के स्वर्ण मन्दिर और हर प्रमुख शहर में इस्कॉन केन्द्रों पर अभ्यास की जाती है, विश्वम्भर के सिद्धान्त की अभिव्यक्ति है।

When to Chant

कब जपें

Chant during anna-dana (food charity), before meals as a reminder of the divine nourishment in all food, or when reflecting on how the universe sustains itself through the cosmic generosity of the Trimurti.

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