ॐ चिदानन्दघनाय नमः
चिदानन्दघनः
Cidānandaghanaḥ
Root: cit + ānanda + ghana
अर्थ
The dense mass of consciousness-bliss, whose very substance is the condensed totality of awareness and joy that constitutes Brahman's nature
चेतना-आनन्द का घना पिण्ड, जिनका स्वयं का पदार्थ वह संघनित जागरूकता और आनन्द की समग्रता है जो ब्रह्म की प्रकृति बनाती है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
चित्
consciousness, awareness
चित्, चेतना
आनन्द
bliss
आनन्द
घन
dense, solid mass, condensed
घन, ठोस
आधुनिक संदर्भ
चिदानन्दघन दत्तात्रेय को चित्-आनन्द (चेतना-आनन्द) के घन (घना पिण्ड) नाम देता है। 'घन' विशेषक महत्त्वपूर्ण है: यह ठोसता, एकाग्रता का संकेत देता है। दत्तात्रेय चेतना-आनन्द का केवल एक निशान या फुसफुसाहट नहीं बल्कि उसकी सबसे पूर्ण, सबसे केन्द्रित अभिव्यक्ति हैं। ऋषिकेश में स्वामी शिवानन्द की परम्परा में 'ॐ चिदानन्दम् ॐ' इस गुण को व्यक्त करने वाले मूलभूत मन्त्र के रूप में उपयोग किया जाता है।
कब जपें
ॐChant as a meditation on Dattatreya as condensed consciousness-bliss, where the two aspects of Brahman (cit and ananda) are so concentrated that they form a dense, substantial presence.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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