ॐ सर्वलोकहिताय नमः
सर्वलोकहितः
Sarvalokabitaḥ
Root: sarva + loka + hita
अर्थ
The welfare of all worlds, who is simultaneously the benefactor of every realm and the very welfare itself that all worlds seek
सभी लोकों का हित, जो एक साथ हर क्षेत्र के कल्याणकर्ता और वह हित स्वयं हैं जो सभी लोक खोजते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
लोक
world, realm
लोक
हित
welfare, benefit
हित
आधुनिक संदर्भ
सर्वलोकहित दत्तात्रेय को सभी लोकों (सर्व-लोक) के हित नाम देता है। यह लाभकारी गतिविधि का ब्रह्माण्डीय दायरा है: न केवल मनुष्यों या पृथ्वी के सभी प्राणियों का कल्याणकर्ता बल्कि सम्पूर्ण ब्रह्माण्डीय संरचना में हर लोक का। समकालीन सन्दर्भ में जहाँ 'वैश्विक कल्याण' अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों में केन्द्रीय अवधारणा बन गया है, सर्वलोकहित सिद्धान्त एक पारम्परिक भारतीय ढाँचा प्रदान करता है।
कब जपें
ॐChant when praying for universal welfare, or when expanding one's concern from personal wellbeing to the wellbeing of all worlds.
और करुणा नाम
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