ॐ प्रसन्नवदनाय नमः
प्रसन्नवदनः
Prasannavadanaḥ
Root: prasanna + vadana
अर्थ
The one with a serene and cheerful countenance, whose face radiates the untroubled joy of complete contentment
प्रसन्न मुख वाले, जिनका मुख पूर्ण सन्तोष के निर्विकार आनन्द की आभा बिखेरता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
प्रसन्न
serene, cheerful, clear
प्रसन्न, निर्मल
वदन
face, countenance
मुख, चेहरा
आधुनिक संदर्भ
प्रसन्नवदन दत्तात्रेय की आन्तरिक मुक्ति का सबसे तत्काल दृश्यमान चिह्न बताता है: एक चेहरा जो स्थायी रूप से शान्त और प्रसन्न है। चेहरा आन्तरिक दशा को दर्शाता है। जिस ऋषि ने सभी आन्तरिक संघर्ष सुलझा लिए हों उसके माथे पर बल पड़ने का कोई कारण नहीं: उसका चेहरा प्रसन्न होगा ही। प्रतिमा-शास्त्रीय परम्परा में दत्तात्रेय के तीनों मुख सौम्य, खुले भावों के साथ दिखाए जाते हैं। भारत के शहरी केन्द्रों में जहाँ तनाव सुबह की ट्रेन और दफ़्तर के गलियारे में लाखों चेहरों पर स्पष्ट दिखता है, प्रसन्नवदन दत्तात्रेय उस दृष्टि को प्रस्तुत करते हैं जो एक सच्चा मुक्त व्यक्ति कैसा दिखता है।
कब जपें
ॐChant when seeking inner peace that reflects outward, during morning meditation to cultivate a calm face for the day ahead, or when anxiety tightens the face and the heart needs releasing.
और करुणा नाम
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