ॐ भक्तमनोरथपूरकाय नमः
भक्तमनोरथपूरकः
Bhaktamanorathapūrakaḥ
Root: bhakta + mano + ratha + pūraka
अर्थ
The fulfiller of devotees' heart-chariot of desire, who drives the aspirations of sincere souls to their intended destination
भक्तों के मनोरथ-रथ के पूरक, जो सच्ची आत्माओं की आकांक्षाओं को उनके अभीष्ट गन्तव्य तक पहुँचाते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
भक्त
devotee
भक्त
मनोरथ
wish, desire (literally: mind-chariot)
मनोरथ, इच्छा, मन का रथ
पूरक
fulfiller, one who completes
पूरक, पूर्ण करने वाला
आधुनिक संदर्भ
शब्द 'मनोरथ' का शाब्दिक अर्थ है मन का रथ: वह वाहन जिस पर इच्छा अपनी पूर्ति की ओर यात्रा करती है। हर मानव हृदय विभिन्न आकारों के मनोरथ वाहन वहन करता है: दैनिक इच्छा, मौसमी महत्त्वाकांक्षा, दशकों का सपना, वह रहस्य जो कभी नहीं कहा गया। भक्तमनोरथपूरक इन सभी को ग्रहण करते हैं। वह माँ जो पन्द्रह वर्षों से अपने बच्चे की शिक्षा के लिए प्रार्थना कर रही है, वह किसान जो तीन साल से ऋण-मुक्ति के लिए, वह युवा व्यक्ति जो अपनी सच्ची पुकार का पालन करने के साहस के लिए प्रार्थना कर रहा है: हर मन-रथ को पूर्णता से भरने वाले प्रभु जानते हैं कि इनमें से हर एक कितना वजन ढोता है।
कब जपें
ॐChant when surrendering a deep personal wish to Ayyappa, the kind of wish too tender to speak aloud but held for years in the depths of the heart.
और भक्ति नाम
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