ॐ शबर्यर्चितपादाब्जाय नमः
शबर्यर्चितपादाब्जः
Śabaryarcitapādābjaḥ
Root: śabarī + arcita + pāda + abja
अर्थ
He whose lotus feet were worshipped by Shabari, the devoted tribal woman whose pure love defines selfless devotion
जिनके चरण-कमलों की शबरी ने आराधना की, वह समर्पित जनजातीय महिला जिनका शुद्ध प्रेम निःस्वार्थ भक्ति को परिभाषित करता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शबरी
Shabari, the devoted tribal woman of the Ramayana
शबरी, रामायण की समर्पित जनजातीय महिला
अर्चित
worshipped, honoured
पूजित, सम्मानित
पादाब्ज
lotus feet
चरण-कमल
आधुनिक संदर्भ
शबरीमला का शाब्दिक अर्थ है शबरी की पहाड़ी। रामायण की शबरी, वह वृद्ध जनजातीय महिला जो राम के आगमन की दशकों प्रतीक्षा करती रही, हर बेर चखकर देखती कि केवल सबसे मीठा ही प्रभु को अर्पित हो, पहाड़ की शुद्ध भक्ति की संरक्षक संत है। उनकी कथा सिखाती है कि प्रभु वंश से नहीं प्रेम से, जल्दी से नहीं धैर्य से, और अनुष्ठानिक परिष्कार से नहीं सरलता से प्रभावित होते हैं। दर्शन की लम्बी कतार में धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा करने वाला हर तीर्थयात्री शबरी की प्रतीक्षा को जीता है।
कब जपें
ॐChant at the Sabarimala hilltop and when recalling Shabari's story. The mountain is named after her, and her patient devotion is the pilgrimage's deepest spiritual model.
और भक्ति नाम
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