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ॐ देवकीर्तिप्रियाय नमः

देवकीर्तिप्रियः

Devakīrtipriyaḥ

Root: deva + kīrti + priya

Devotion·भक्ति
Meaning

अर्थ

He who delights in the divine fame of the gods, lover of all that is celestially glorious and divinely praised

देवताओं की दिव्य यशस्विता से प्रसन्न होने वाले, स्वर्गीय महिमा और दिव्य प्रशंसा से प्रेम करने वाले

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

देव

divine, celestial

देव, दिव्य

कीर्ति

fame, glory

कीर्ति, यश

प्रिय

beloved, fond of

प्रिय, पसन्द करने वाला

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

अय्यप्पा के आसपास की भक्ति-संगीत परम्परा असाधारण रूप से समृद्ध है। केरल में मलयालम में अय्यप्पा गीतों की अपनी परम्परा है, तमिल भक्त अपनी मुरुगन-प्रभावित भक्ति संवेदनशीलता को अय्यप्पा रचनाओं में लाते हैं, और कन्नड और तेलुगु परम्पराओं में अपनी शास्ता कृतियाँ हैं। केरल संगीत नाटक अकादमी और चेन्नई और बेंगलुरु में कर्नाटक संगीत उत्सव यात्रा सीजन में समर्पित अय्यप्पा संगीत शाम आयोजित करते हैं। देवकीर्तिप्रिय वह प्रभु हैं जो इस सारे अर्पण को समान आनन्द से ग्रहण करते हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant when engaging in temple music, Carnatic concert performances dedicated to Ayyappa, or when the Sahasranama itself becomes a song of glory.

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