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ॐ संगीतप्रियाय नमः

संगीतप्रियः

Saṃgītapriyaḥ

Root: saṃgīta + priya

Devotion·भक्ति
Meaning

अर्थ

The one who loves music, the deity in whose presence sacred sound finds its highest resonance and deepest devotional power

संगीत से प्रेम करने वाले, वह देवता जिनकी उपस्थिति में पवित्र ध्वनि अपनी सर्वोच्च प्रतिध्वनि और गहरी भक्तिमय शक्ति पाती है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

संगीत

music, the art of song and sound

संगीत, गायन और ध्वनि की कला

प्रिय

beloved, dear

प्रिय, आत्मीय

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

संगीतप्रिय दत्तात्रेय के दिव्य स्वभाव को सबसे सार्वभौमिक रूप से सुलभ कला रूप में आधारित करता है: संगीत। दत्त सम्प्रदाय की भजन परम्परा महाराष्ट्र के सबसे समृद्ध सांस्कृतिक योगदानों में से एक है। एकनाथ, जनाबाई और नामदेव की मराठी अभंग रचनाएँ, सभी दत्तात्रेय की वंश-परम्परा से, भारतीय इतिहास में संगीत पर आधारित सर्वश्रेष्ठ भक्ति काव्य में हैं। ये अभंग वारी (पण्ढरपुर की द्विवार्षिक वारकरी तीर्थयात्रा) में लाखों गायन तीर्थयात्रियों द्वारा गाए जाते हैं। समकालीन मुम्बई और पुणे में दत्त भजन मण्डल प्रत्येक गुरुवार शाम को इकट्ठे होते हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant before vocal or instrumental performance, to invoke Dattatreya's love of music as the divine backdrop for devotional singing, or when offering a musical composition as worship.

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