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ॐ नादब्रह्मस्वरूपाय नमः

नादब्रह्मस्वरूपः

Nādabrahmasvarūpaḥ

Root: nāda + brahma + svarūpa

Creation·सृष्टि
Meaning

अर्थ

The one whose form is the primordial sound-Brahman, who is the sacred vibration from which all of creation emerges and into which it returns

जिनका स्वरूप आदि नाद-ब्रह्म है, जो वह पवित्र कम्पन हैं जिससे सम्पूर्ण सृष्टि उभरती है और जिसमें वापस लौटती है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

नाद

primordial sound, divine vibration

नाद, आदि ध्वनि

ब्रह्म

the absolute reality

ब्रह्म, परम सत्ता

स्वरूप

essential nature

स्वरूप

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

नादब्रह्मस्वरूप नाद-ब्रह्म परम्परा से लेता है: यह शिक्षा कि परम वास्तविकता ध्वनि-चेतना है, कि ब्रह्माण्ड एक कम्पन ('ओम्') से शुरू हुआ, और समस्त व्यक्त सृष्टि उस आदि ध्वनि का एक रूपान्तर है। दत्तात्रेय की वंश-परम्परा पर स्थापित नाथ सम्प्रदाय ने भारत में पवित्र ध्वनि का सबसे विस्तृत विज्ञान विकसित किया। मैसूरु के नाद केन्द्र, नाशिक के योग विद्या गुरुकुल और मुंगेर के बिहार स्कूल ऑफ योग में पेश किए जाने वाले नाद योग पाठ्यक्रम सभी पवित्र ध्वनि परम्परा को अपने स्रोत तक वापस ले जाते हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant during Nada Yoga practice, when chanting Om or Soham, or when seeking to experience the divine as pure vibration in deep meditation.

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