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ॐ चतुर्वेदधराय नमः

चतुर्वेदधरः

Caturvedadharaḥ

Root: catur + veda + dhara

Knowledge·विद्या
Meaning

अर्थ

The upholder of all four Vedas, in whom all Vedic knowledge is perfectly embodied and preserved

चारों वेदों के धारक, जिनमें समस्त वैदिक ज्ञान पूर्णतः समाहित और संरक्षित है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

चतुर्

four

चार

वेद

Vedas, sacred knowledge

वेद, पवित्र ज्ञान

धर

upholder, bearer

धारक

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

चतुर्वेदधर दत्तात्रेय को एक साथ चारों वेदों के जीवन्त मूर्त रूप के रूप में स्थापित करता है। ब्राह्मणिक परम्परा में चार वेद चार अलग-अलग धाराएँ हैं: एक ऋग्वेदी, सामवेदी, यजुर्वेदी या अथर्ववेदी विद्वान एक में विशेषज्ञ होता है। दत्तात्रेय एक साथ चारों को धारण करते हैं। पुणे में वेद विद्या प्रतिष्ठान और राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान जैसी संस्थाएँ आज वैदिक अध्ययन बनाए रखती हैं और अक्सर दत्तात्रेय को चार वेदों की एकता में धारण करने वाले देवता के रूप में सम्मानित करती हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant during Vedic recitation, Vedadhyayana sessions, or when beginning study of any of the four Vedas. Suitable for Gurukula students and Vedic scholars.

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