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ॐ निराकाराय नमः

निराकारः

Nirākāraḥ

Root: nir + ākāra

Knowledge·विद्या
Meaning

अर्थ

The formless one, whose true nature transcends all shape, image, and perceptible form

निराकार, जिनकी वास्तविक प्रकृति समस्त आकार, छवि और इन्द्रियग्राह्य रूप से परे है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

निर्

without, free from

रहित

आकार

form, shape

आकार, रूप

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

निराकार बताता है कि दत्तात्रेय अन्ततः रूप के बिना हैं, और यह उन्हें भक्तिमार्ग (साकार) और दार्शनिक मार्ग (निराकार) के बीच सेतु बनाता है। निराकार शिक्षा कबीर के दोहों, नानक की जपजी साहिब और कर्नाटक के लिंगायत धर्मशास्त्र का केन्द्र है, ये सभी परम्पराएँ प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से दत्तात्रेय की वंश-परम्परा से आती हैं। ब्रह्म समाज, आर्य समाज और कई बौद्धिक हिन्दू निराकार उपासना को पसन्द करते हैं। दत्तात्रेय, जो एक साथ निराकार हैं और एक विस्तृत प्रतिमा-शास्त्रीय रूप रखते हैं, उन सभी के लिए सबसे समावेशी देवता हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant during formless meditation, when practising jnana yoga or neti-neti inquiry, or when transcending attachment to any particular form of the divine.

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