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ॐ सर्वक्लेशहराय नमः

सर्वक्लेशहरः

Sarvakleshāharaḥ

Root: sarva + kleśa + hara

Healing·उपचार
Meaning

अर्थ

The remover of all afflictions, who takes away every form of the five fundamental sufferings that bind the soul in conditioned existence

सभी क्लेशों का हरण करने वाले, जो उन पाँच मूल पीड़ाओं के हर रूप को दूर करते हैं जो आत्मा को बद्ध अस्तित्व में बाँधती हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

सर्व

all

सब

क्लेश

affliction, suffering

क्लेश, पीड़ा

हर

remover

हरने वाले

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

सर्वक्लेशहर पतञ्जलि के योग सूत्र के क्लेश (पीड़ा) विश्लेषण के साथ सीधे संलग्न होता है। पतञ्जलि पाँच मूल क्लेश पहचानते हैं: अविद्या, अस्मिता, राग, द्वेष और अभिनिवेश। सर्वक्लेशहर दत्तात्रेय एक साथ पाँचों को दूर करते हैं। जब सद्गुरु की कृपा के प्रकाश में अविद्या विलीन होती है, सभी चार व्युत्पन्न क्लेश उसके साथ विलीन हो जाते हैं। योग सूत्र की पूरी अष्टांग प्रणाली इस क्लेश-निष्कासन की क्रमिक विधि है; गुरु चरित्र में वर्णित दत्तात्रेय की कृपा इसे सीधे पूरा कर सकती है।

When to Chant

कब जपें

Chant when burdened by deep psychological suffering, when studying Patanjali's five klesha model, or when seeking relief from the root afflictions that generate all derived forms of pain.

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