ॐ दिव्यतेजसे नमः
दिव्यतेजाः
Divyatejase
Root: divya + tejas
अर्थ
The one of divine radiance, whose spiritual brilliance illumines every space he inhabits and transforms every heart that comes within its reach
दिव्य तेज के धारक, जिनकी आध्यात्मिक तेजस्विता हर स्थान को प्रकाशित करती है जिसमें वे निवास करते हैं और उसकी पहुँच में आने वाले हर हृदय को रूपान्तरित करती है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
दिव्य
divine
दिव्य
तेजस्
radiance, spiritual fire
तेजस्, दिव्य प्रकाश
आधुनिक संदर्भ
दिव्यतेजस दत्तात्रेय को दिव्य तेज (तेजस्विता, अग्नि) के धारक नाम देता है। 'तेजस्' संस्कृत में शारीरिक (अग्नि, चमक, ताप) और आध्यात्मिक दोनों अर्थ रखता है। गुरु चरित्र में नृसिंह सरस्वती का तेज उस गुणवत्ता के रूप में वर्णित है जो उन्हें उन लोगों को भी महान सत्ता के रूप में तत्काल पहचानने योग्य बनाता है जो उनसे कभी नहीं मिले। तान्त्रिक परम्परा में शक्तिपात दीक्षा गुरु की चेतना से शिष्य तक तेज के संचरण के रूप में समझी जाती है।
कब जपें
ॐChant when seeking to invoke the transforming spiritual radiance of Dattatreya, or when entering a sacred space and invoking the divine fire that consecrates it.
और शक्ति नाम
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