ॐ सर्वभूतहितेरताय नमः
सर्वभूतहितेरतः
Sarvabhūtahiterathaḥ
Root: sarva + bhūta + hita + rata
अर्थ
The one engaged in the welfare of all beings, who is perpetually absorbed in the active benefiting of every creature across all realms
सभी प्राणियों के हित में तत्पर, जो सभी लोकों में हर प्राणी को सक्रिय रूप से लाभ पहुँचाने में सदा तल्लीन हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
भूत
being, creature
प्राणी
हित
welfare, benefit
हित
रत
absorbed in, devoted to
रत, तत्पर
आधुनिक संदर्भ
सर्वभूतहितेरत सत्रहवीं श्रृंखला को नाम 511 पर एक ऐसे नाम के साथ खोलता है जो दत्तात्रेय के निरन्तर अभिविन्यास को पकड़ता है: सभी प्राणियों (सर्वभूत) के कल्याण (हित) में तत्पर (रत)। मुख्य शब्द 'रत' है: केवल भलाई की कामना नहीं बल्कि सक्रिय रूप से, शाश्वत रूप से लाभ पहुँचाने की गतिविधि में तल्लीन। गाँधी की भाषा में यह 'सर्वोदय' है एक दिव्य सिद्धान्त के रूप में।
कब जपें
ॐChant when engaging in service to others, or when aspiring to make the welfare of all beings the guiding motivation of every action.
और करुणा नाम
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