ॐ नवनिधिप्रदाय नमः
नवनिधिप्रदः
Navaniddhipradaḥ
Root: nava + nidhi + prada
अर्थ
The giver of the nine treasures, who bestows the nine cosmic treasuries of Kubera on those whose dharmic merit has prepared them to receive such abundance
नव निधियों के दाता, जो उन लोगों को कुबेर की नौ ब्रह्माण्डीय निधियाँ प्रदान करते हैं जिनके धार्मिक पुण्य ने उन्हें ऐसी प्रचुरता प्राप्त करने के लिए तैयार किया है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
नव
nine
नौ
निधि
treasury, cosmic wealth
निधि, खजाना
प्रद
giver
दाता
आधुनिक संदर्भ
नवनिधिप्रद दत्तात्रेय को नौ निधियों के दाता नाम देता है। नौ निधियाँ कुबेर के पौराणिक धन-भण्डार हैं: पद्म, महापद्म, शंख, मकर, कच्छप, मुकुन्द, कुन्द, नील और खर्व। वे केवल भौतिक सम्पदा नहीं बल्कि ब्रह्माण्डीय प्रचुरता के नौ रूपों का प्रतिनिधित्व करती हैं। दत्त परम्परा में शिक्षा यह है कि वास्तविक धार्मिक अभ्यास स्वाभाविक रूप से साधक के जीवन-उद्देश्य के लिए उचित निधियाँ आकर्षित करता है।
कब जपें
ॐChant when seeking material abundance aligned with spiritual merit, or when recognising that the nine cosmic treasuries are available to those who approach Dattatreya with purity.
और समृद्धि नाम
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