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ॐ सर्वव्यापिने नमः

सर्वव्यापी

Sarvavyāpī

Root: sarva + vyāpin

Cosmic Order·ब्रह्माण्डीय व्यवस्था
Meaning

अर्थ

The all-pervading one present in every particle of existence without gap or absence

सर्वव्यापी, अस्तित्व के प्रत्येक कण में बिना किसी अन्तराल या अनुपस्थिति के विद्यमान

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

सर्व

all, everywhere

सब, सर्वत्र

व्यापी

pervading, permeating

व्यापी, व्याप्त

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

सर्वव्यापी सर्वज्ञ (61) और सर्वशक्तिमान (62) के साथ ईश्वर के शास्त्रीय तीन-गुण वर्णन को पूरा करता है। सर्वव्यापकता का अर्थ है दत्तात्रेय गंगा में और झुग्गी में, मन्दिर में और अस्पताल में, वन में और कार्यालय की छोटी जगह में हैं। दत्त परम्परा में दत्तात्रेय की सर्वव्यापकता देखना 'दत्त दर्शन' कहलाता है: अचानक पहचान कि रेलवे स्टेशन पर मदद करने वाला अजनबी, रास्ता बताने वाला वृद्ध, बारिश में पीछे आने वाला कुत्ता, सब दत्तात्रेय थे। यह स्वतःस्फूर्त पहचान महाराष्ट्र और कर्नाटक के भक्तों द्वारा रिपोर्ट की जाती है।

When to Chant

कब जपें

Chant when experiencing loneliness or isolation, as a reminder of divine presence in all things, or during nature meditation to feel the deity in every element.

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