ॐ अनन्तकीर्तये नमः
अनन्तकीर्तिः
Anantakīrtaye
Root: ananta + kīrti
अर्थ
The one of infinite fame, whose glory is not confined to any era, region, or tradition but spreads endlessly across all time and all space
अनन्त कीर्ति के धारक, जिनकी महिमा किसी युग, क्षेत्र या परम्परा तक सीमित नहीं बल्कि सभी समय और सभी स्थान में अन्तहीन फैलती है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
अनन्त
infinite, endless
अनन्त
कीर्ति
fame, glory
कीर्ति
आधुनिक संदर्भ
अनन्तकीर्ति दत्तात्रेय को अनन्त कीर्ति के धारक नाम देता है। 'कीर्ति' भारत की शास्त्रीय शब्दावली में वास्तविक उत्कृष्टता से आने वाली ख्याति है। दत्त सम्प्रदाय का भारत में फैलाव (उत्तर की नाथ परम्परा से कर्नाटक-महाराष्ट्र दत्त परम्परा से आन्ध्र की तेलुगु परम्परा तक) और उनसे वंश खींचने वाले योग शिक्षकों के माध्यम से वैश्विक रूप से, इस अनन्तकीर्ति गुण को क्रिया में दर्शाता है।
कब जपें
ॐChant when celebrating Dattatreya's fame that reaches every corner of the spiritual world, or when spreading his teachings as a participation in his infinite kīrti.
और शक्ति नाम
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