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Chalisa

Chhinnamasta Chalisa

छिन्नमस्ता चालीसा

The Chhinnamasta Chalisa is a devotional hymn dedicated to Maa Chhinnamasta, one of the ten Mahavidyas, symbolizing fierce self-transcendence, ego-cutting wisdom, life-force, renunciation, and inner transformation. This structured version contains 1 opening doha, 40 chaupais, and 1 closing doha, totaling 42 verses.

Deity: Chhinnamasta
42 Verses
Traditional / Devotional Compilation
Midnight sadhana with Guru guidance · Chaitra Navratri

छिन्नमस्ता चालीसा दस महाविद्याओं में से एक माँ छिन्नमस्ता को समर्पित भक्ति स्तोत्र है, जो उग्र आत्मोत्तरण, अहंकार-विनाशक ज्ञान, प्राणशक्ति, त्याग और आंतरिक परिवर्तन का प्रतीक हैं। इस संरचित संस्करण में 1 आरंभिक दोहा, 40 चौपाइयाँ और 1 समापन दोहा है, कुल 42 पद।

doha opening
Verse 1

जय छिन्नमस्ता मातु, त्याग शक्ति अपार। अहं मस्तक छेद कर, दो आत्म विचार॥

jaya chinnamastā mātu, tyāga śakti apāra. ahaṁ mastaka cheda kara, do ātma vicāra.

अर्थ

छिन्नमस्ता माता की जय, आपकी त्याग शक्ति अपार है। अहंकार का मस्तक काटकर आत्म-विचार दीजिए।

Meaning

Glory to Mother Chhinnamasta, boundless power of renunciation. Cut the ego-head and grant self-inquiry.

chaupai
Verse 2

जय जय छिन्नमस्ता भवानी। महाविद्या त्याग की रानी॥

जय जय छिन्नमस्ता भवानी महाविद्या त्याग की रानी

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Chhinnamasta Bhavani, queen of renunciation among the Mahavidyas.

chaupai
Verse 3

स्वरूप तुम्हारा अति गंभीर। काटे मोह अहंकार अधीर॥

स्वरूप तुम्हारा अति गंभीर काटे मोह अहंकार अधीर

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Your profound form cuts restless delusion and ego.

chaupai
Verse 4

खड्ग कराल हाथ में धारे। अविद्या बंधन तुरत उखाड़े॥

खड्ग कराल हाथ में धारे अविद्या बंधन तुरत उखाड़े

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

With your fierce sword, you uproot the bonds of ignorance.

chaupai
Verse 5

रक्तधारा ज्ञान बतावै। जीवन-मृत्यु रहस्य समझावै॥

रक्तधारा ज्ञान बतावै जीवन-मृत्यु रहस्य समझावै

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

The streams symbolize the mystery of life, death, and wisdom.

chaupai
Verse 6

दाहिने बाएँ डाकिनी वारिणी। सेवा करैं तुम्हरी भव तारिणी॥

दाहिने बाएँ डाकिनी वारिणी सेवा करैं तुम्हरी भव तारिणी

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Dakini and Varini attend you, O Mother who carries beings across.

chaupai
Verse 7

काम वासना चरण तले है। योग अग्नि भीतर ही जले है॥

काम वासना चरण तले है योग अग्नि भीतर ही जले है

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Desire lies beneath your feet while yogic fire burns within.

chaupai
Verse 8

भयकर रूप करुणा सागर। भक्तन हित तुम अति अनुरागर॥

भयकर रूप करुणा सागर भक्तन हित तुम अति अनुरागर

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Though fearsome in form, you are an ocean of compassion for devotees.

chaupai
Verse 9

दस महाविद्या मध्य प्रकाशी। अद्भुत शक्ति मोह विनाशी॥

दस महाविद्या मध्य प्रकाशी अद्भुत शक्ति मोह विनाशी

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Among the Mahavidyas, you shine as the destroyer of delusion.

chaupai
Verse 10

स्वयं पोषण का पाठ पढ़ाओ। दूसरन को भी जीवन दाओ॥

स्वयं पोषण का पाठ पढ़ाओ दूसरन को भी जीवन दाओ

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

You teach self-sustenance while nourishing others.

chaupai
Verse 11

त्याग बिना सिद्धि न मिल पाती। तुम साधक को राह दिखाती॥

त्याग बिना सिद्धि न मिल पाती तुम साधक को राह दिखाती

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Without renunciation, siddhi is not attained; you show the seeker the way.

chaupai
Verse 12

क्रोध लोभ मद मोह हटाओ। शुद्ध चित्त में दीप जलाओ॥

क्रोध लोभ मद मोह हटाओ शुद्ध चित्त में दीप जलाओ

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Remove anger, greed, pride, and delusion; light the lamp in the pure mind.

chaupai
Verse 13

भीतर की अंधियारी काटो। ज्ञान सुधा की धारा बाँटो॥

भीतर की अंधियारी काटो ज्ञान सुधा की धारा बाँटो

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Cut inner darkness and distribute streams of wisdom nectar.

chaupai
Verse 14

शून्य मध्य तुम ध्यान लगाती। मौन दिशा में राह दिखाती॥

शून्य मध्य तुम ध्यान लगाती मौन दिशा में राह दिखाती

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

In the void you meditate and guide through silence.

chaupai
Verse 15

अहं शिरोभ्रम दूर करावा। सत्य स्वरूप हृदय दिखलावा॥

अहं शिरोभ्रम दूर करावा सत्य स्वरूप हृदय दिखलावा

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Remove the heady confusion of ego and reveal truth in the heart.

chaupai
Verse 16

वज्र वैरोचनी नाम तुम्हारा। साधक जीवन करो उजियारा॥

वज्र वैरोचनी नाम तुम्हारा साधक जीवन करो उजियारा

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

As Vajra Vairochani, illumine the life of the seeker.

chaupai
Verse 17

भय जो देखे भागत जाई। भक्त जो देखे कृपा पाई॥

भय जो देखे भागत जाई भक्त जो देखे कृपा पाई

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Fear flees from your sight; devotees receive grace.

chaupai
Verse 18

रात्रि साधना फलदायक होई। गुरु बिना रहस्य न जाने कोई॥

रात्रि साधना फलदायक होई गुरु बिना रहस्य न जाने कोई

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Night practice bears fruit, yet none knows the mystery without a Guru.

chaupai
Verse 19

शक्ति चक्र में तुम अधिरानी। कुंडलिनी जागरण की ज्ञानी॥

शक्ति चक्र में तुम अधिरानी कुंडलिनी जागरण की ज्ञानी

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

You reign in the wheel of Shakti and know the awakening of Kundalini.

chaupai
Verse 20

तीक्ष्ण करुणा रूप तुम्हारा। कटु औषधि सा हितकर प्यारा॥

तीक्ष्ण करुणा रूप तुम्हारा कटु औषधि सा हितकर प्यारा

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Your sharp compassion is like bitter medicine that heals.

chaupai
Verse 21

मन के शत्रु मातु हर लीजै। दंभ दर्प सब दूर करीजै॥

मन के शत्रु मातु हर लीजै दंभ दर्प सब दूर करीजै

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Remove the enemies of the mind: vanity and pride.

chaupai
Verse 22

साधक जब संकट में आवै। छिन्नमस्ता रक्षा कर धावै॥

साधक जब संकट में आवै छिन्नमस्ता रक्षा कर धावै

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

When a seeker is in danger, Chhinnamasta rushes to protect.

chaupai
Verse 23

रक्त नहीं यह प्राण प्रतीका। जीवन यज्ञ बने अति नीका॥

रक्त नहीं यह प्राण प्रतीका जीवन यज्ञ बने अति नीका

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

The blood is symbolic of life-force and sacred sacrifice.

chaupai
Verse 24

शब्द रुके जब ध्यान बढ़े है। तब भीतर का सत्य चढ़े है॥

शब्द रुके जब ध्यान बढ़े है तब भीतर का सत्य चढ़े है

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

When words stop and meditation deepens, inner truth rises.

chaupai
Verse 25

योगिनियाँ सब गुण गाती। मंत्र तुम्हारा सिद्धि दिलाती॥

योगिनियाँ सब गुण गाती मंत्र तुम्हारा सिद्धि दिलाती

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Yoginis sing your virtues, and your mantra grants accomplishment.

chaupai
Verse 26

कपाल माला रहस्य सुहाना। क्षणभंगुर जग का यह ज्ञान॥

कपाल माला रहस्य सुहाना क्षणभंगुर जग का यह ज्ञान

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

The skull garland teaches the impermanence of the world.

chaupai
Verse 27

धर्म रक्षा तुमसे होती। माया की गाँठ तुरत ही छूटी॥

धर्म रक्षा तुमसे होती माया की गाँठ तुरत ही छूटी

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Dharma is protected through you and knots of illusion untie.

chaupai
Verse 28

शरण तुम्हारी जो जन आवै। आत्म बल वह शीघ्र ही पावै॥

शरण तुम्हारी जो जन आवै आत्म बल वह शीघ्र ही पावै

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Who comes to your refuge gains inner strength quickly.

chaupai
Verse 29

दीन दुखी पर दृष्टि करीजै। भव भय नाश करुणा दीजै॥

दीन दुखी पर दृष्टि करीजै भव भय नाश करुणा दीजै

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Look upon the distressed and destroy worldly fear.

chaupai
Verse 30

स्वप्न भय सब दूर भगाओ। हृदय सिंह सा धैर्य जगाओ॥

स्वप्न भय सब दूर भगाओ हृदय सिंह सा धैर्य जगाओ

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Drive away nightmares and awaken lion-like courage in the heart.

chaupai
Verse 31

तप संयम से तुम प्रसन्ना। मुक्ति मार्ग कर दो संपन्ना॥

तप संयम से तुम प्रसन्ना मुक्ति मार्ग कर दो संपन्ना

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

You are pleased by austerity and restraint; complete the path to liberation.

chaupai
Verse 32

प्राण शक्ति का संतुलन दाओ। इड़ा पिंगला एक बनाओ॥

प्राण शक्ति का संतुलन दाओ इड़ा पिंगला एक बनाओ

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Balance life-force and unite ida and pingala.

chaupai
Verse 33

त्रिकूट मध्य ज्योति जलाओ। सुषुम्ना पथ स्वयं दिखाओ॥

त्रिकूट मध्य ज्योति जलाओ सुषुम्ना पथ स्वयं दिखाओ

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Light the flame in the inner center and show the path of sushumna.

chaupai
Verse 34

काटो संशय जन्मों वाला। मातु करो मन निर्मल भाला॥

काटो संशय जन्मों वाला मातु करो मन निर्मल भाला

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Cut doubts carried from many births and purify the mind.

chaupai
Verse 35

मृत्यु भय से पार उतारो। अमर तत्त्व का बोध कराओ॥

मृत्यु भय से पार उतारो अमर तत्त्व का बोध कराओ

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Carry us beyond fear of death and reveal the immortal principle.

chaupai
Verse 36

नाम तुम्हारा शक्ति पुकारे। भक्त सभी भव से उबारे॥

नाम तुम्हारा शक्ति पुकारे भक्त सभी भव से उबारे

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Your name calls forth Shakti and saves devotees from worldly bondage.

chaupai
Verse 37

करो कृपा हे मातु दयानी। छिन्नमस्ता महा वरदानी॥

करो कृपा हे मातु दयानी छिन्नमस्ता महा वरदानी

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Show grace, O compassionate and boon-giving Chhinnamasta.

chaupai
Verse 38

जो चालीसा प्रेम से गावै। अहंकार का बंधन छूटावै॥

जो चालीसा प्रेम से गावै अहंकार का बंधन छूटावै

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Whoever sings this with love loosens the bondage of ego.

chaupai
Verse 39

सत्य साधना देहु हमारी। रक्षा करो जननी भवतारी॥

सत्य साधना देहु हमारी रक्षा करो जननी भवतारी

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Grant true spiritual practice and protect us, O Mother.

chaupai
Verse 40

अंत समय जब स्मृति धूमिल। नाम तुम्हारा करे मन निर्मल॥

अंत समय जब स्मृति धूमिल नाम तुम्हारा करे मन निर्मल

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

At the end, when memory fades, may your name purify the mind.

chaupai
Verse 41

जय छिन्नमस्ता महामाया। भक्त हृदय में ज्ञान जगाया॥

जय छिन्नमस्ता महामाया भक्त हृदय में ज्ञान जगाया

अर्थ

यह पद छिन्नमस्ता माता के त्याग, अहंकार-विनाश और ज्ञान-स्वरूप का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Chhinnamasta Mahamaya, awakener of knowledge in the devotee’s heart.

doha closing
Verse 42

छिन्नमस्ता मातु कर, करुणा अपरम्पार। अहंकार तम हर लीजै, दो शिव ज्ञान अपार॥

chinnamastā mātu kara, karuṇā aparampāra. ahaṅkāra tama hara lījai, do śiva jñāna apāra.

अर्थ

हे छिन्नमस्ता माता, आपकी करुणा अपरंपार है। अहंकार का अंधकार हरकर अपार शिव-ज्ञान दें।

Meaning

O Mother Chhinnamasta, your compassion is boundless. Remove the darkness of ego and grant infinite Shiva-wisdom.

Chhinnamasta Chalisa

Traditional / Devotional Compilation

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