ॐ ज्ञानशक्तिबलाय नमः
ज्ञानशक्तिबलः
Jñānaśaktibalāḥ
Root: jñāna + śakti + bala
अर्थ
He who combines wisdom, divine energy, and strength in one unified divine nature, the complete triad of the Lord's sovereign power
जो ज्ञान, दिव्य शक्ति और बल को एक एकीकृत दिव्य प्रकृति में जोड़ते हैं, प्रभु की सार्वभौमिक शक्ति की पूर्ण त्रयी
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
ज्ञान
wisdom, knowledge
ज्ञान, विवेक
शक्ति
divine energy, power
शक्ति, दिव्य ऊर्जा
बल
strength, force
बल, शक्ति, ताकत
आधुनिक संदर्भ
वैष्णव परम्परा प्रभु की सार्वभौमिक शक्ति को गुणों की त्रयी के रूप में वर्णित करती है: ज्ञान (सर्वज्ञता), शक्ति (दिव्य सृजन-शक्ति), और बल (सर्वशक्तिमत्ता)। जब अय्यप्पा यह नाम धारण करते हैं, वे दिव्य सार्वभौमिकता की वैष्णव समझ को अपनी प्रकृति में पहले से उपस्थित शैव और शाक्त आयामों के साथ संश्लेषित करते हैं। परिणाम एक सम्पूर्ण दिव्य व्यक्ति है जिसमें ब्रह्माण्डीय शक्ति का हर आयाम एकीकृत है: बिना सीमा के जानना, बिना थकान के ऊर्जा देना, बिना चुकान के टिकाए रखना। किसी भी क्षेत्र में अपनी क्षमता की सीमा पर नेता इस त्रयी का आह्वान करते हैं।
कब जपें
ॐChant when all three are needed together: clarity of mind to understand a situation, energy to act, and strength to sustain the effort. The complete triad is available through the Lord's name.
और शक्ति नाम
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