ॐ पुष्पार्पणप्रियाय नमः
पुष्पार्पणप्रियः
Puṣpārpanapriyaḥ
Root: puṣpa + arpana + priya
अर्थ
He who is fond of flower-offerings, who receives the brief, beautiful, and transient gift of flowers as a perfect expression of the devotee's own transient yet sincere love
पुष्पार्पण से प्रेम करने वाले, जो भक्त के अपने क्षणिक किन्तु सच्चे प्रेम की परिपूर्ण अभिव्यक्ति के रूप में फूलों के संक्षिप्त, सुन्दर और नश्वर उपहार को ग्रहण करते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
पुष्प
flower
पुष्प, फूल
अर्पण
offering, the act of giving
अर्पण, भेंट
प्रिय
fond of
प्रिय
आधुनिक संदर्भ
फूल अर्पण धार्मिक अभिव्यक्ति के सबसे प्राचीन और सार्वभौमिक रूपों में से एक है। उनकी सुन्दरता, सुगन्ध और संक्षिप्त जीवनकाल उन्हें भक्त के प्रेम के परिपूर्ण प्रतीक बनाते हैं। अय्यप्पा की पूजा में परम्परागत रूप से विभिन्न फूल शामिल हैं जिनमें नीलकुरिंजी (स्ट्रोबिलैंथेस कुंथियाना) भी है जो शबरीमला की पहाड़ियों में हर बारह वर्ष में खिलता है।
कब जपें
ॐChant when gathering flowers for puja, or when the forest's wildflowers are offered as spontaneous acts of devotion during the trek. Every flower offered is received by the Lord who loves flowers with personal attention.
और भक्ति नाम
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