ॐ केवलानन्दमूर्तये नमः
केवलानन्दमूर्तिः
Kevalānandamūrtaye
Root: kevala + ānanda + mūrti
अर्थ
The sole form of bliss, in whom bliss alone exists without any admixture of anything that is not bliss, making every encounter with him a pure reception of joy
केवल आनन्द की मूर्ति, जिनमें केवल आनन्द ही है बिना किसी ऐसी चीज के जो आनन्द नहीं है, उनके साथ हर मुलाकात को आनन्द का शुद्ध स्वागत बनाते हुए
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
केवल
sole, alone, pure
केवल
आनन्द
bliss
आनन्द
मूर्ति
form
मूर्ति
आधुनिक संदर्भ
केवलानन्दमूर्ति दत्तात्रेय को केवल (एकमात्र) आनन्द की मूर्ति नाम देता है। 'केवल' (अकेला, एकमात्र, शुद्ध) आनन्द-मूर्ति घोषणा को तीव्र करता है। कैवल्य (केवल होने की अवस्था) योग की उच्चतम उपलब्धियों में से एक है। भारत की दिव्य को 'एकरस' (एकल स्वाद, शुद्ध सार) की पहचान इस केवलानन्दमूर्ति में अपनी सबसे व्यक्तिगत अभिव्यक्ति पाती है।
कब जपें
ॐChant when recognising Dattatreya as the sole form of bliss, the one in whom joy is not mixed with anything that could diminish it.
और मोक्ष नाम
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