ॐ महोरस्काय नमः
महोरस्कः
Mahoraskaḥ
Root: mahā + uras
अर्थ
The broad-chested one, whose vast divine chest contains the cosmos itself and whose heart is large enough for every being to find shelter
विशाल वक्षस्थल वाले, जिनके विस्तृत दिव्य वक्ष में ब्रह्माण्ड स्वयं समाया है और जिनका हृदय इतना बड़ा है कि हर प्राणी आश्रय पा सके
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
महा
great, vast
महान, विशाल
उरस्
chest, breast
वक्ष, छाती
आधुनिक संदर्भ
महोरस्क दत्तात्रेय के विशाल वक्ष का वर्णन करता है, जिसमें श्रीवत्स चिह्न (विष्णु के वक्ष पर शुभ चिह्न) और पवित्र धागे और अन्य दिव्य चिह्न निवास करते हैं। भारतीय भक्ति काव्य में दिव्य का वक्ष प्रिय भक्त का विश्राम-स्थान बताया जाता है। 'महोरस्क' (विशाल वक्ष) छवि शारीरिक शक्ति और उदार करुणा दोनों का सुझाव देती है: एक वक्ष जो सभी दुःखों और सभी आनन्दों को समेटने के लिए पर्याप्त विशाल है। दत्तात्रेय महोरस्क के रूप में: उनका विशाल वक्ष सम्पूर्ण विश्व का विश्राम-स्थान है।
कब जपें
ॐChant when seeking the refuge of Dattatreya's vast heart, when the world feels too small for one's grief or joy, or when meditating on the divine chest that contains the entire cosmos as described in the Vishvarupa vision.
और करुणा नाम
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