ॐ अज्ञाननाशनाय नमः
अज्ञाननाशनः
Ajñānanāśanaḥ
Root: ajñāna + nāśana
अर्थ
The destroyer of ignorance, who dissolves the fundamental not-knowing that prevents the soul from recognising its own divine nature
अज्ञान का नाशक, जो उस मूलभूत न-जानने को विलीन करते हैं जो आत्मा को अपनी दिव्य प्रकृति पहचानने से रोकता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
अज्ञान
ignorance, not-knowing
अज्ञान
नाशन
destroyer
नाशक
आधुनिक संदर्भ
अज्ञाननाशन दत्तात्रेय को अज्ञान (अज्ञता) के नाशक नाम देता है। अद्वैत वेदान्त में अज्ञान (आत्मा के सच्चे स्वभाव की अज्ञता) सभी बन्धन और दुःख का एकमात्र मूल कारण है। सम्पूर्ण वेदान्तिक मार्ग अज्ञान-नाशन है। दत्तात्रेय अज्ञाननाशन के रूप में इस विनाश को सीधे कृपा के माध्यम से करते हैं। गुरु चरित्र बताता है कि जो भक्त केवल नृसिंह सरस्वती से मिले उन्होंने अपनी वास्तविकता की प्रकृति के बारे में सबसे गहरी उलझनें विलीन होती पाईं।
कब जपें
ॐChant when turning toward the light of wisdom in any form of darkness, asking Dattatreya's grace to destroy the ignorance that makes liberation seem remote.
और विद्या नाम
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