ॐ भक्तार्तिनाशकाय नमः
भक्तार्तिनाशकः
Bhaktārtināśakaḥ
Root: bhakta + ārti + nāśaka
अर्थ
The destroyer of devotees' suffering, who removes every form of pain, grief, and affliction that troubles the sincere devotee
भक्तों की पीड़ा का नाशक, जो सच्चे भक्त को परेशान करने वाले दर्द, शोक और पीड़ा के हर रूप को दूर करते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
भक्त
devotee
भक्त
आर्ति
suffering, distress
आर्ति, पीड़ा
नाशक
destroyer
नाशक
आधुनिक संदर्भ
भक्तार्तिनाशक दत्तात्रेय को भक्तों की पीड़ा के नाशक नाम देता है। 'आर्ति' का अर्थ है संकट, पीड़ा, वह दुःख जो राहत के लिए पुकारता है। जहाँ सर्वव्याधिहर (479) सामान्यतः रोग को सम्बोधित करता है, भक्तार्तिनाशक विशेष रूप से भक्तों की पीड़ा को सम्बोधित करता है। गुरु चरित्र भक्तार्तिनाशक विवरणों से भरा है। भारत के मन्दिरों में जहाँ 'आरती' अनुष्ठान किया जाता है (शाब्दिक रूप से 'पीड़ा हरना'), दत्तात्रेय की मूर्ति के सामने दीपक लहराना भक्तार्तिनाशक सिद्धान्त की सबसे प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति है।
कब जपें
ॐChant when a devotee is in distress, or when bringing the suffering of others to Dattatreya's attention as the one whose compassion specifically addresses the pain of those who have taken refuge.
और करुणा नाम
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