ॐ आनन्दमयाय नमः
आनन्दमयः
Ānandamayaḥ
Root: ānanda + maya
अर्थ
The one made of bliss, whose entire being is constituted of ananda alone, the deepest innermost sheath of the five-kosha model
आनन्द से बने, जिनका सम्पूर्ण अस्तित्व अकेले आनन्द से गठित है, पाँच-कोश मॉडल का सबसे गहरा अन्तरतम आवरण
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
आनन्द
bliss
आनन्द
मय
made of, filled with
मय, से भरे
आधुनिक संदर्भ
आनन्दमय दत्तात्रेय को आनन्द (आनन्द) से बने नाम देता है। तैत्तिरीय उपनिषद् के पञ्च-कोश (पाँच-आवरण) मॉडल में सबसे भीतरी आवरण आनन्दमय कोश है। दत्तात्रेय आनन्दमय के रूप में सभी कोशों से परे जो शेष रहता है उसका जीवन्त प्रमाण हैं: आनन्द स्वयं। भारत की आनन्द पर चिन्तन की परम्परा में शिक्षा कि आनन्द एक अवसरिक अनुभव नहीं बल्कि आत्मा का स्थायी पदार्थ है, आनन्दमय शिक्षण है।
कब जपें
ॐChant when accessing the deepest layer of self-experience, the anandamaya kosha, or when recognising that bliss is the innermost substance of all existence.
और मोक्ष नाम
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