ॐ विद्युत्प्रभाय नमः
विद्युत्प्रभः
Vidyutprabhāḥ
Root: vidyut + prabhā
अर्थ
The lightning brilliance, whose sudden transformative insight illumines the devotee's consciousness with the immediacy and power of a lightning flash
बिजली की चमक, जिनकी अचानक रूपान्तरकारी अन्तर्दृष्टि भक्त की चेतना को बिजली चमक की तात्कालिकता और शक्ति से प्रकाशित करती है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
विद्युत्
lightning
विद्युत्, बिजली
प्रभा
brilliance, radiance
प्रभा, चमक
आधुनिक संदर्भ
विद्युत्प्रभ दत्तात्रेय को बिजली की चमक नाम देता है। केन उपनिषद् में ब्रह्म के आत्म-प्रकाशन को 'बिजली की चमक की तरह' होने का वर्णन किया गया है: क्रमिक प्रकाशन नहीं बल्कि अचानक पूर्ण प्रकाशन। दत्तात्रेय की कृपा अक्सर विद्युत्प्रभा के रूप में काम करती है। ज़ेन परम्परा में इसे 'केन्शो' कहते हैं। दत्तात्रेय विद्युत्प्रभा के रूप में हिन्दू परम्परा में ऐसी बिजली-जैसी अन्तर्दृष्टियों का स्रोत हैं।
कब जपें
ॐChant when seeking the sudden flash of clarity that illumines what has been dark, or when invoking the lightning-like grace of the Guru's transformative insight.
और शक्ति नाम
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