ॐ देवानुग्रहकारकाय नमः
देवानुग्रहकारकः
Devānugrahakārakaḥ
Root: deva + anugraha + kāraka
अर्थ
The one who causes divine grace to flow, who is the active initiator of the anugraha that transforms all who receive it
दैवी कृपा को प्रवाहित कराने वाले, जो उस अनुग्रह के सक्रिय आरम्भकर्ता हैं जो उसे पाने वाले सभी को रूपान्तरित करता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
देव
divine
दैवी
अनुग्रह
grace, benevolent attention
अनुग्रह
कारक
one who causes
कारक
आधुनिक संदर्भ
देवानुग्रहकारक दत्तात्रेय को दैवी (देव) अनुग्रह (कृपा) को प्रवाहित कराने वाले (कारक) नाम देता है। 'अनुग्रह' शैव सिद्धान्त में सबसे महत्त्वपूर्ण अवधारणाओं में से एक है। दत्तात्रेय देवानुग्रहकारक के रूप में इस कृपा-प्रवाह को सक्रिय रूप से आरम्भ करते हैं। गुरु चरित्र में हर चमत्कार इस देवानुग्रहकारक क्रिया का उदाहरण है।
कब जपें
ॐChant when invoking the divine grace-initiation, or when asking Dattatreya to initiate the flow of anugraha that transforms the devotee's journey.
और करुणा नाम
← → arrow keys to navigate