ॐ ब्रह्मज्ञानप्रदाय नमः
ब्रह्मज्ञानप्रदः
Brahmajñānapradaḥ
Root: brahma + jñāna + prada
अर्थ
The giver of Brahma-knowledge, who transmits the direct knowing of Brahman that dissolves the root ignorance and establishes the devotee in the realisation of their own nature
ब्रह्मज्ञान के दाता, जो ब्रह्म का वह प्रत्यक्ष ज्ञान संचारित करते हैं जो मूल अज्ञान को विलीन करता है और भक्त को उनकी अपनी प्रकृति के साक्षात्कार में स्थापित करता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
ब्रह्म
Brahman, the absolute
ब्रह्म
ज्ञान
knowledge
ज्ञान
प्रद
giver
दाता
आधुनिक संदर्भ
ब्रह्मज्ञानप्रद दत्तात्रेय को ब्रह्म-ज्ञान के दाता नाम देता है। यह ज्ञान-देने का सबसे प्रत्यक्ष और पूर्ण रूप है। सहस्रनाम इस विशिष्ट नाम की ओर निर्मित होता रहा है। भारत की वेदान्त परम्परा में ब्रह्म-ज्ञान वह विशिष्ट ज्ञान है जो मोक्ष का तत्काल कारण है। प्रामाणिक दत्त वंश में हर संचरण अन्ततः ब्रह्मज्ञान का संचरण है।
कब जपें
ॐChant when asking for the direct Brahma-knowledge that transforms rather than merely informs, or when approaching Dattatreya as the supreme Brahma-jnana transmitter.
और विद्या नाम
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