ॐ परिपूर्णानन्दरूपाय नमः
परिपूर्णानन्दरूपः
Paripūrṇānandrarūpāḥ
Root: paripūrṇa + ānanda + rūpa
अर्थ
The form of completely overflowing bliss, whose very being is constituted of the bliss that is so full it overflows into every encounter
पूर्णतः अतिप्रवाहित आनन्द का रूप, जिनका अस्तित्व उस आनन्द से गठित है जो इतना परिपूर्ण है कि हर मुलाकात में अतिप्रवाहित होता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
परिपूर्ण
completely full, overflowing
परिपूर्ण
आनन्द
bliss
आनन्द
रूप
form
रूप
आधुनिक संदर्भ
परिपूर्णानन्दरूप दत्तात्रेय को पूर्णतः अतिप्रवाहित आनन्द के रूप नाम देता है। 'परि' उपसर्ग 'पूर्ण' (परिपूर्ण) में 'पूरी तरह, सम्पूर्णतः' आयाम जोड़ता है। दत्तात्रेय का आनन्द परिपूर्ण है: इतना परिपूर्ण कि उनके साथ हर मुलाकात में अतिप्रवाहित हो जाता है। भारत की 'प्रसाद' परम्परा इस परिपूर्णानन्द अतिप्रवाह की अनुष्ठानिक स्वीकृति है।
कब जपें
ॐChant when meditating on Dattatreya as the overflowing bliss-form, or when the bliss of recognition begins to overflow its own container.
और मोक्ष नाम
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