ॐ स्मरणमात्रकल्याणाय नमः
स्मरणमात्रकल्याणः
Smaraṇamāttrakalyāṇaḥ
Root: smaraṇa + mātra + kalyāṇa
अर्थ
He whose mere remembrance brings all auspiciousness, for whom even a single momentary recollection of His name grants complete welfare
जिनका केवल स्मरण ही समस्त शुभता लाता है, जिनके नाम की एक क्षणिक स्मृति भी सम्पूर्ण कल्याण प्रदान करती है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
स्मरण
remembrance, recollection
स्मरण, याद
मात्र
merely, only, just
मात्र, केवल
कल्याण
auspiciousness, welfare
कल्याण, शुभता, मंगल
आधुनिक संदर्भ
इस नाम में परम्परा की सबसे लोकतान्त्रिक रूप से उपलब्ध शिक्षाओं में से एक है: प्रभु की कृपा तक पहुँचने के लिए उनके नाम की याद के अलावा कुछ खास नहीं चाहिए। कोई यात्रा, कोई दीक्षा, कोई अनुष्ठान, कोई पुजारी, कोई विशिष्ट समय या स्थान आवश्यक नहीं। तिरुवनन्तपुरम के अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट पर दादी जो 'अय्यप्पा' फुसफुसाती है, सम्पूर्ण अभ्यास कर रही है। मदुरै में ऑटो-चालक जो कठिन यातायात संचालित करते समय डैशबोर्ड पर छोटी अय्यप्पा छवि पर एक नजर डालता है, सम्पूर्ण अभ्यास कर रहा है। स्मरणमात्रकल्याण उन सभी के लिए परम्परा का उपहार है जिनके लिए विस्तृत अभ्यास असम्भव है: एक अक्षर में पूरे प्रभु।
कब जपें
ॐChant when too ill, too exhausted, or too overwhelmed to do any elaborate practice. Even a single recollection of the Lord's name is the entire practice in its most concentrated form.
और भक्ति नाम
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