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ॐ त्रिशूलधारिणे नमः

त्रिशूलधारी

Triśūladhāriṇaḥ

Root: triśūla + dhārin

Power·शक्ति
Meaning

अर्थ

The bearer of the trident, who wields Shiva's supreme weapon as the son inheriting his father's cosmic power

त्रिशूल के धारक, जो पिता की ब्रह्माण्डीय शक्ति के उत्तराधिकारी पुत्र के रूप में शिव के परम अस्त्र को धारण करते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

त्रिशूल

trident, the three-pronged weapon

त्रिशूल, तीन नोकों वाला अस्त्र

धारी

bearer, one who holds

धारक, धारण करने वाला

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

शैव प्रतीकवाद में त्रिशूल तीन गुणों, चेतना की तीन अवस्थाओं और अस्तित्व के तीन तलों पर महारत का प्रतिनिधित्व करता है। त्रिशूलधारी के रूप में अय्यप्पा शिव का सबसे विशिष्ट शस्त्र धारण करते हैं, स्वयं को शिव के समस्त ब्रह्माण्डीय अधिकार का उत्तराधिकारी घोषित करते हुए। केरल के शिव मन्दिरों में त्रिशूल दिव्य सार्वभौमिकता का प्रमुख प्रतीक है। जब भक्त चित्रों या मूर्तियों में अय्यप्पा को त्रिशूल धारण करते देखते हैं, वे उस पुत्र को देखते हैं जिसने पिता की शक्ति पूरी तरह पाई है और हर आयाम में उनके समकक्ष बन गए हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant during Shivaratri when the Shiva-Ayyappa connection is most palpable, or when seeking power to overcome the three-fold suffering of body, mind, and circumstance.

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