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ॐ निरहंकाराय नमः

निरहंकारः

Nirahaṃkāraḥ

Root: nir + ahaṃkāra

Liberation·मोक्ष
Meaning

अर्थ

The one without ego, in whom the sense of separate selfhood has been completely dissolved into the infinite

अहंकार से मुक्त, जिनमें पृथक् अस्तित्व का बोध पूर्णतः अनन्त में विलीन हो गया है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

निर्

without, free from

रहित, बिना

अहंकार

ego, the sense of separate I

अहंकार, अलग 'मैं' का बोध

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

निरहंकार दत्तात्रेय की मुक्ति के सबसे मनोवैज्ञानिक रूप से विशिष्ट गुण का नाम है। अहंकार (अहंकार, 'मैं यह विशेष व्यक्ति हूँ' का बोध) को सांख्य-योग में समस्त बन्धन का मूल बताया जाता है। दत्तात्रेय के अहंकार से पूर्ण स्वातन्त्र्य उनके चार कुत्तों, उनके दिगम्बर स्वभाव, किसी भी स्रोत से भोजन स्वीकार करने की व्याख्या करता है। समकालीन मनोचिकित्सा में, विशेष रूप से मुम्बई, बेंगलुरु और दिल्ली के कल्याण केन्द्रों में अभ्यास किए जाने वाले माइण्डफुलनेस-आधारित दृष्टिकोणों में, 'झूठे आत्म' का विघटन (जो अहंकार से बारीकी से मेल खाता है) एक केन्द्रीय चिकित्सीय लक्ष्य है।

When to Chant

कब जपें

Chant when working to dissolve pride and ego, during humility practices, or as a reminder that the source of all suffering is the separate self-sense that Dattatreya has completely released.

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