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ॐ शास्त्रज्ञाय नमः

शास्त्रज्ञः

Śāstrajñaḥ

Root: śāstra + jña

Knowledge·विद्या
Meaning

अर्थ

The knower of all scriptures, who has mastered every sacred text from the Vedas to the Agamas without exception

समस्त शास्त्रों के ज्ञाता, जिन्होंने वेदों से आगमों तक बिना किसी अपवाद के प्रत्येक पवित्र ग्रन्थ में महारत पाई है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

शास्त्र

scripture, authoritative text

शास्त्र, पवित्र ग्रन्थ

ज्ञ

knower

ज्ञाता

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

शास्त्रज्ञ दत्तात्रेय को समस्त शास्त्रों में पारंगत स्थापित करता है। भारत का शास्त्र-संग्रह विशाल है: चार वेद अपने ब्राह्मणों और आरण्यकों के साथ, 108 उपनिषद्, महाभारत और रामायण, 18 प्रमुख पुराण, 64 तन्त्र, मनु और याज्ञवल्क्य का धर्मशास्त्र, न्याय, वैशेषिक, सांख्य, योग, मीमांसा और वेदान्त दर्शन। कोई भी मानव विद्वान इन सबमें महारत नहीं पाया है। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, पुणे विश्वविद्यालय और मद्रास संस्कृत कॉलेज में दत्तात्रेय को समस्त शास्त्र अध्ययन के संरक्षक देवता के रूप में आवाहित किया जाता है।

When to Chant

कब जपें

Chant when beginning the study of any shastra, when seeking to reconcile apparently contradictory scriptural teachings, or when invoking the authority of the tradition's root teacher.

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