ॐ कपालिने नमः
कपाली
Kapāline
Root: kapāla + in
अर्थ
The skull-bearer, who carries the kapala as the symbol of death accepted, ego dissolved, and the begging bowl that accepts nourishment from any source
कपाल-धारक, जो कपाल को मृत्यु की स्वीकृति, अहंकार के विघटन और उस भिक्षा-पात्र के प्रतीक के रूप में धारण करते हैं जो किसी भी स्रोत से पोषण स्वीकार करता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
कपाल
skull, skull-cup
कपाल, खोपड़ी
इन्
possessor, bearer
धारक
आधुनिक संदर्भ
कपाली दत्तात्रेय को कपाल-धारक नाम देता है, उन्हें शैव तन्त्र की कपाल परम्परा से जोड़ता है। कपाल (खोपड़ी-कप) भारतीय तपस्वी परम्परा का सबसे मूलगामी प्रतीक है। वाराणसी की अघोरी परम्परा, जो श्मशान भूमि पर अभ्यास करती है और खोपड़ियों को अनुष्ठानिक उपकरणों के रूप में उपयोग करती है, इस सिद्धान्त की सबसे चरम जीवन्त अभिव्यक्ति है। दत्तात्रेय कपाली के रूप में इसे त्रिमूर्ति सन्दर्भ में रखते हुए इस सम्बन्ध को वहन करते हैं।
कब जपें
ॐChant when meditating on death as liberation, in kapalika or aghora-adjacent practices, or when accepting the radical renunciation that the kapala symbolises.
और मोक्ष नाम
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