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ॐ पशुपतये नमः

पशुपतिः

Paśupatiḥ

Root: paśu + pati

Compassion·करुणा
Meaning

अर्थ

The lord of all bound souls, who is the compassionate master of every being caught in the net of conditioned existence seeking liberation

समस्त बद्ध आत्माओं के स्वामी, जो बद्ध अस्तित्व के जाल में फँसे मुक्ति खोजने वाले हर प्राणी के करुणामय स्वामी हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

पशु

bound soul, animal being

पशु, बद्ध आत्मा

पति

lord, master

पति, स्वामी

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

पशुपति शिव के सबसे धर्मशास्त्रीय रूप से महत्त्वपूर्ण नामों में से एक है: यह भारत के सबसे पुराने जीवित दार्शनिक विद्यालयों में से एक, पाशुपत शैवमत की केन्द्रीय अवधारणा है। पाशुपत धर्मशास्त्र में वास्तविकता में तीन श्रेणियाँ हैं: पति (शिव, स्वामी), पशु (व्यक्तिगत आत्माएँ, बद्ध) और पाश (बन्धन)। दत्तात्रेय पशुपति के रूप में इस पूरे मुक्तिदायक सम्बन्ध की अध्यक्षता करते हैं। नेपाल के काठमाण्डू में पशुपतिनाथ मन्दिर दुनिया में सबसे पूजित पशुपति स्थल है।

When to Chant

कब जपें

Chant when recognising oneself as a paśu (bound soul) who needs the pasupati's grace to dissolve the pasha (bonds) of karma and ignorance.

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