ॐ नित्यनिर्मलाय नमः
नित्यनिर्मलः
Nityanirmalaḥ
Root: nitya + nirmala
अर्थ
The eternally pure one, whose absolute purity is not achieved through purification practices but is the original and permanent nature of pure consciousness
शाश्वत निर्मल, जिनकी परम पवित्रता शुद्धिकरण अभ्यासों के माध्यम से प्राप्त नहीं बल्कि शुद्ध चेतना की मूल और स्थायी प्रकृति है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
नित्य
eternal, always
नित्य
निर्मल
pure, stainless, clear
निर्मल, शुद्ध
आधुनिक संदर्भ
नित्यनिर्मल दत्तात्रेय की पवित्रता को नित्य (शाश्वत) घोषित करता है: अनुष्ठान, साधना या नैतिक प्रयास के माध्यम से प्राप्त स्थिति नहीं, बल्कि वह मूल स्वभाव जो कभी अशुद्ध नहीं था। यह वेदान्त की शिक्षा है जो एक साथ सबसे मूलगामी और सबसे मुक्तिदायक है: 'आप पहले से शुद्ध हैं; शुद्ध करने के लिए कुछ नहीं है।' अष्टावक्र गीता, जो दत्तात्रेय की वंश-परम्परा से जनक के माध्यम से जुड़ी है, इस बिन्दु को सबसे जोरदार बनाती है।
कब जपें
ॐChant as a reminder that one's own essential nature is nityairmala: eternally pure, not in need of purification but of recognition.
और पवित्रता नाम
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